Dhan Kharidi: धान के स्‍टाक ने बढ़ाई चिंता: खरीदी केंद्रों में 49 लाख टन धान, भीगने और नमी बढ़ने का खतरा, उठाव के लिए मिलरों को नोटिस

Dhan Kharidi: धान के स्‍टाक ने बढ़ाई चिंता: खरीदी केंद्रों में 49 लाख टन धान, भीगने और नमी बढ़ने का खतरा, उठाव के लिए मिलरों को नोटिस
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Dhan Kharidi: छत्‍तीसगढ़ में इस बार बम्‍पर धान खरीदी हुई है, लेकिन जिस तरफ रफ्तार से खरीदी हो रही है उसकी तुलना में उठाव की गति कमजोर है। मौसम के बदलते मिजाज के बीच राज्‍य के खरीदी केंद्रों में करीब 49 लाख टन धान रखा हुआ है।

Dhan Kharidi: रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में धान उत्‍पादक किसान खुश हैं। सरकार ने इस बार रिकार्ड तोड़ धान खरीदी कर रही है। अब तक 142 लाख टन से ज्‍यादा खरीदी हो चुकी है। अभी 3 दिन और खरीदी होगी। यानी खरीदी का आंकड़ा 150 लाख टन तक पहुंच सकता है। इससे किसानों के चेहरों पर खुशी है, लेकिन धान खरीदी करने वाली समितियों की चिंता बढ़ गई है, क्‍योंकि धान का उठाव नहीं हो रहा है। मौसम के उपर-नीचे होते मिजाज के बीच खरीदी केंद्रों में करीब 49 लाख टन धान रखा हुआ है। इसमें काफी मात्रा में धान खुले में रखा हुआ है। स्थिति यह है कि कई खरीदी केंद्रों में धान रखने की जगह नहीं है। कहीं- कहीं क्षमता से तीन गुना तक धान रखा हुआ, लेकिन मिलर्स धान उठा नहीं रहे हैं।

खरीदी केंद्रों में धान के बम्‍पर स्‍टॉक से न केवल खरीदी में लगी समितियों बल्कि प्रशासन की भी चिंता बढ़ती जा रही है। सक्‍ती सहित कई जिलों में धान का उठाव नहीं करने वाले मिलर्स को प्रशासन की तरफ से नोटिस जारी किया गया है। कुछ जिलों में मिलर्स को ब्‍लैक लिस्‍टेड करने की चेतावनी भी दी गई है बावजूद इसके धान के उठाव में तेजी नहीं दिख रही है। समिति के सदस्‍यों का कहना है कि यही स्थिति रही तो धान का पूरा उठाव होने में कई महीने लग जाएंगे। इससे सूखत और नमी दोनों ही बढ़ने का खतरा रहेगा। मौसम साफ रहेगा तो धान में सुखेगा वहीं, बदली बारिश होती है तो नमी बढ़ जाएगी। दोनों ही स्थिति में धान की गुणवत्‍ता और समिति के राजस्‍व पर असर पड़ेगा।

उठाव नहीं होने की यह बता रहे वजह

धान का उठाव नहीं होने के लिए सहकारी समिति के सदस्‍य मिलर्स को जिम्‍मेदार बता रहे हैं। आरोप है कि मिलर्स नजदीक की समितियों से तो धान उठा रहे हैं, लेकिन जो समिति दूर है वहां से धान उठाने में आनकानी कर रहे हैं। कभी गाड़ी का बहना करते हैं तो कभी कुछ और। इतना ही नहीं जिन समितियों में धान अच्‍छी क्‍वालिटी की है वहां उठाव तेजी से हो रहा है, लेकिन जहां मोटा धान है वहां से धान उठाने मे मिलर्स रुचि नहीं दिखा रहे है।

इधर, मिलर्स कह रहे हैं कि इस बार धान की खरीदी ज्‍यादा हो गई है। उनके पास भी रखने के लिए जगह नहीं है। गाड़ी भी सीमित है। ज्‍यादातर गाड़‍ियां एफसीआई और नान के गोदमों में चावल पहुंचाने में लगी हुई हैं। वहां भी समय लग रहा है। इसी वजह से धान उठाने में थोड़ी समस्‍या हो रही है।

धान खरीदी की स्थिति (31 जनवरी 2024)

प्रदेश में 31 जनवरी की स्थिति में कुल खरीदी 142 लाख 23 हजार 702 टन धान की खरीदी हो चुकी है। प्रशासन की तरफ से 102 लाख 74 हजार 132 टन के उठाव के लिए मिलर्स को डीओ जारी किया जा चुका है। मिलर्स 93 लाख 44 हजार 627 टन धान उठा चुके हैं। अभी 48 लाख 79 हजार धान खरीद केंद्रों में रखा हुआ है।


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